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Wednesday, 28 August 2013

वे आतंकी रुष्ट, व्यर्थ हो जिनकी कसरत -

कसरत सी बी आय की, हो जाती बेकार |
मरती इशरत-जहाँ में, मोदी सर की कार |

मोदी सर की कार, बोल बैठा अमरीका |
लोहे की हे-डली, फ़िदायिन का ले ठीका |

सोमनाथ पर दृष्टि, उड़ाने की थी हशरत |
वे आतंकी रुष्ट, व्यर्थ हो जिनकी कसरत -

2 comments:

  1. आप ने लिखा... हमने पढ़ा... और भी पढ़ें... इस लिये आप की ये खूबसूरत रचना शुकरवार यानी 30-08-2013 की http://www.nayi-purani-halchal.blogspot.com पर लिंक की जा रही है... आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस हलचल में शामिल रचनाओं पर भी अपनी टिप्पणी दें...
    और आप के अनुमोल सुझावों का स्वागत है...




    कुलदीप ठाकुर [मन का मंथन]

    कविता मंच... हम सब का मंच...

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  2. वाह कविवर वाह ...
    सुंदर दोहे !

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