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Sunday, 8 July 2012

डा।. अनवर विवाद / रविकर क्षमा-प्रार्थी : मेरे द्वारा डाला गया घी देखिये, जिसने आग भड़काई --

पार्ट -2 में रचना जी से की बातचीत 
पार्ट--3 डा।. अनवर से की बातचीत 
पार्ट--1  कुंडलियाँ 

 पार्ट--3

 डा।. अनवर जमाल से हुई बातचीत--


dinesh gupta
Jul 7 (2 days ago)

to Anwer
भाई जान-
यह पूरी तरह व्यक्तिगत निवेदन है-
आप को यदि कोई विशेष आपत्ति नहीं है तो-
रचना जी के चित्र  वाली पोस्ट को निरस्त कर दें-
सादर-
Dr. Anwer Jamal Khan
Jul 7 (2 days ago)

to me
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आदरणीय भाई साहब,
रचना जी एक आम औरत हैं। आपको उनके फ़ोटो पर चिन्ता हुई, यह जानकर अच्छा लगा।
अगर आप हमारे जवाब से बुरा न मान जाएं तो हम कुछ कहने की इजाज़त चाहेंगे
क्योंकि ब्लॉगिंग का उददेश्य अपने मन की बात बताना है न कि दबाना।
आपकी इजाज़त मिले तो कुछ अर्ज़ किया जाए।
http://www.jagranjunction.com/readerblog/
dinesh gupta
Jul 7 (2 days ago)

to Anwer
भाई  जान आप का बहुत सम्मान है- ब्लॉग वर्ल्ड में-
जब से मैं यहाँ आया हूँ आपका स्नेह मुझे बराबर मिलता रहा है-
इसी अधिकार से निवेदन किया है |
यह व्यक्तिगत और आपसी समझ के अंतर्गत किया हुवा निवेदन है -
हमारे सम्बन्ध ज्यों के त्यों बने  रहेंगे -
आप न करें तब भी-
सादर 
व्यक्तिगत मेल
किया है इसीलिए-
2012/7/7 Dr. Anwer Jamal Khan <eshvani@gmail.com>
Dr. Anwer Jamal Khan
Jul 7 (2 days ago)

to me
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मेरे अज़ीज़ और बुज़ुर्ग भाई ! जब से हम आए हैं। यहां पक्षपात देखते आए हैं।
एक वक्त था जब हमें क़त्ल करने की धमकियां भी दी जाती थीं।
हमारी समझ में यह बात कभी नहीं आई कि एक सही बात जब हम उठाते हैं तो कोई
साथ नहीं देता और जब दूसरों अपने कुल गोत्र या संस्कृति का नर नारी कोई
मुददा उठाता है तो लोग सही ग़लत देखे बिना उसका साथ देते हैं।
आप दिल पर न लेना लेकिन आपको याद होगा कि ख़ुशदीप जी ने आदम-हव्वा अर्थात
मनु-आद्या का नंगा फ़ोटो अपनी पोस्ट पर लगाया और उसे चर्चामंच व अन्य जगह
भी लिंक के साथ लगा दिया गया। सबके माता पिता को सरे आम निर्वस्त्र किया
गया। हमने ख़ुशदीप जी के ब्लॉग पर और चर्चामंच पर जाकर कमेंट किया लेकिन
तब हमें किसी का समर्थन नहीं मिला ?
आपने भी चर्चामंच पर कमेंट किया कि पूर्वजों को पूर्वज ही रहने दो,
उन्हें इश्तेहार न बनाओ।
नतीजा यह है कि चर्चामंच पर वह नंगा चित्र आज तक लगा हुआ है।
क्या महापुरूषों के नंगे चित्र के मुददे पर आपकी प्रतिक्रिया उचित थी ?
क्या तब आपने किसी से कोई व्यक्तिगत निवेदन किया था इस संबंध में ?
नहीं, लेकिन आज आप आप एक आम औरत के लिए व्यक्तिगत निवेदन कर रहे हैं।
एक ही आदमी के दो रवैये !

रचना जी ने ‘ब्लॉग की ख़बरें‘ मंच के मेम्बर्स को ईमेल करके भड़काया। जो
कभी टिप्पणी करने नहीं आए वे आज त्यागपत्र देने आ रहे हैं। श्रीकान्त
मिश्र आज जा चुके हैं। दीपक बाबा और सुरेश इस ब्लॉग पर कभी कमेंट नहीं
करते। वे भी रचना जी के ही बुलाए हुए आए। रेखा जी ने तो ‘प्यारी मां‘ पर
भी पोस्ट लिखनी छोड़ रखी है लेकिन वह यहां आपत्ति दर्ज करवाने आई हैं।
वन्दना गुप्ता अपना फ़ोटो और नाम हटाने के लिए कह रही हैं और न हटाने पर
कार्रवाई की धमकी दे रही हैं। सब एक मुंह हो रहे हैं, वैरी गुड।
मैं यही देखना और यही दिखाना चाहता था।
यह है बुद्धिजीवियों का हिंदी ब्लॉग जगत ?

रचना जी का बात करने का लहजा आपने देखा ?
कैसे बात करती हैं ?
हर जगह डिक्टेटराना मिज़ाज काम नहीं देता ?

On 7/7/12, dinesh gupta <dcgpth@gmail.com> wrote:
> भाई  जान आप का बहुत सम्मान है- ब्लॉग वर्ल्ड में-
dinesh gupta
Jul 7 (2 days ago)

to Anwer
भाई जान-
विवाद से बचने की कोशिश रहती है मेरी -
यही किया है -
यहाँ पर मेरी पोस्ट है इसीलिए निवेदन किया है-
आभार 
dinesh gupta
Jul 7 (2 days ago)

to Anwer
आप चाहें तो वार्तालाप के अंशो को संपादित कर के प्रकाशित करते हुवे -
मेरे निवेदन पर पोस्ट वापस ले रहे हैं  बोल सकते हैं-
Dr. Anwer Jamal Khan
Jul 7 (2 days ago)

to me
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आपके निवेदन पर हम यह पोस्ट ज़रूर वापस ले लेते या एडिट कर देते लेकिन इस
तरह रचना जी को हमें हरा देने का अहसास होगा और ऐसा कोई अहसास हमने
उन्हें अब होने नहीं दिया।
dinesh gupta
Jul 7 (2 days ago)

to Anwer
मैं सहमत हूँ -
आपसे-

2012/7/7 Dr. Anwer Jamal Khan <eshvani@gmail.com>
आपके निवेदन पर हम यह पोस्ट ज़रूर वापस ले लेते या एडिट कर देते लेकिन इस
dinesh gupta
Jul 7 (2 days ago)

to Anwer
 फिर  भी अगर आप चाहें तो मेरे नाम का प्रयोग कर सकते हैं-
जब चाहे तब -
मैं कोई दबाव बनाने या सहने में एकदम यकीं नहीं रखता -
कृपया पोस्ट को व्यक्तिगत  ही समझें -
सादर-
मेरा फ़ोन निचे लिखा है-
Dr. Anwer Jamal Khan
Jul 7 (2 days ago)

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ठीक है। हम भी किसी को तकलीफ़ पहुंचाने में यक़ीन नहीं रखते।
पूरी पोस्ट हटाना तो हमारे मुमकिन नहीं होगा। आप रचना जी से पूछ लीजिए कि
क्या उनका फ़ोटो हटाने से उनकी तसल्ली हो जाएगी ?
dinesh gupta
Jul 7 (2 days ago)

to Anwer
मैं  उनसे या दीपक बाबा से कोई बात नहीं करना चाहता- आपने मेरी बात पर गौर किया यह पसंद आया |



PART-1

डा।. अनवर विवाद / रविकर क्षमा-प्रार्थी

हाँ साथियों मुझे क्षमा करें।|
मेरी लिखी दो कुंडलियाँ अखाडा बन -गईं ( जिन्हें रचना जी के कहने से हटा दी हैं)
शाहनवाज, रचना,  अनवर दीपक की 20 टिप्पणियां यहीं आई थीं ।
सबसे क्षमा मांग ली है--
आप भी करें -
लीजिये ताज़ी - टिप्पणी -पढ़िए -
  
रचना8 July 2012 04:38
जिस  विवाद  को  आप  ने  घी   डाल  कर  भड़काया  है  उस  पर  कम  से   कम  अपनी  एक  पोस्ट  तो  लगा  ही  देते
समाज  के  प्रति  , हिन्दू  धर्म  के  प्रति  अपनी  नैतिक  जिम्मेदारी  तो निभा   ही  देते 
मेल  भेज  कर  गलती   स्वीकारते  है  , क्षमा  मांगते   है  
ब्लॉग   पर   भी   मांग  ही  लेते  ||
jis vivaad ko aap ne ghee daal kar bhadkayaa haen us par kam sae kam apni ek post to lagaa hi daetae

samaj kae prati , hindu dharm kae prati apni naetik jimmedari to nibha hi daetae

mail bhej kar galti swikaartae haen , kshmaa mangtaae haen
blog par bhi maang hi laetae
ReplyDelete

डा. अनवर का मेल मिला--

आप बुज़ुर्ग हैं और आपकी बात का सम्मान हम पहले से ही करते हैं। सो, रचना
जी का फ़ोटो और उनका नाम पोस्ट से हटा दिया है।।


  PART-2

अब मेरे द्वारा डाला  गया घी देखिये, जिसने आग भड़काई --

Posted: 04 Jul 2012 03:28 AM PDT
चर्चा बढ़िया संयमित, झिड़की समझ सुझाव  ।
ब्लॉग-वर्ल्ड की  बेहतरी, नहीं कहीं दुर्भाव ।
नहीं कहीं दुर्भाव,  सभी को बहुत बधाई  ।
शाहनवाज पर नाज,  डाक्टर अनवर भाई ।
रचना जी का विषय, सभी धर्मों की नारी । 
धर्म आस्था-प्राण,  तनिक मांगे हुशियारी ।।

एक धर्म की ख़ास, करे नारी पर रचना

सचिवों ने की गड़बड़ी, खुश कर दित्ता बास ।
ऐसी-तैसी कर गये, एक  धर्म की  ख़ास ।

एक  धर्म की  ख़ास, करे नारी पर रचना ।
माफ़ी लेता माँग,  मगर रचना से बचना |


है सच्चा इंसान, अगर गलती वह माने   |
विषय जाइए भूल, यही कह गए सयाने ||

27 comments:

  1. बढिया प्रस्तुति
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  2. कौन है?
    अच्छी है ।
    ReplyDelete
  3. http://akhtarkhanakela.blogspot.in/2012/07/blog-post_9433.html


    link bhi daetae
    kam sae kam hindu dharm par aastha rakhnae walae
    kuchh to chaettae
    ReplyDelete
    Replies






    1. रचना जी! वहाँ तो वन वे ट्रैफ़िक है। किया धमाका और भाग लिये। यह तो इनकी पुरानी आदत है।
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    2. कौशलेन्द्र जी, यही वह लोग हैं जो धमाका करके कम-से-कम गलती तो मान लेते हैं... वर्ना तो अक्सर ब्लॉग जगत में लोग चोरी और सीना जोरी के तर्ज़ पर अड़े रहने वाले हैं...
      Delete
    3. shah nawaz

      koi baat ek baar ki jaaye to galti hotii haen
      baar baar kisi dharm ko apmaanit karnae kae liyae diyae gaye post galti nahin hotii haen

      ab anwar jamal ji blog ki khabrae par usko uchhal rahey haen aur unkae mitr apnae blog par

      yae sab kyaa haen
      chori ko galti kehna gunah haen aur galti aur aadat me fark haen

      maerae upar jo chahae jo likhae par maere desh kanun samvihaan aur dharm par kuchh galat kahegaa to blog par aaptti darj karvaani hi hogi
      Delete
    4. इसका एक नमूना यहाँ देखिये, जहाँ अपने ब्लॉग पर कमल कुमार सिंह (नारद ) जी, बिना सबूत के, सुनी सुनाई बातों पर और बिना मामले की तह पर गए पुरे मुस्लिम समाज को ही बल्कि धर्म को गुनाहगार ठहराने की कोशिश करने लगे... और हद तो यह है कि एक मासूम बच्ची के साथ हुई घिनौनी हरकत की आड़ में एक पूरे समाज के लोगो को आतंकित करने और उनके घरों को आग लगाने की घटना का समर्थन कर रहे हैं... केवल इसलिए कि उस समाज के लोगो पर इलज़ाम है... जब कि अभी तक तो वह केवल मुलजिम है, मुजरिम भी नहीं....

      http://kalyugeenarad.blogspot.in/2012/07/blog-post_02.html
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    5. shah nawaaj
      to aap sab ko chahiyae wahaan jaa kar apptii karae
      jo jis khabar ko sahii tarah sae jantaa haen us par aaptti karae

      lekin jo galt ko galt keh rahaa haen usko katghare mae kyun khadaa karna

      baat dharm ki nahin haen baat haen blog par uljalul khabro kae maadhyam sae aapsi dwesh pehlaane gi
      Delete
    6. रचना जी, दूसरों की तो नहीं कह सकता लेकिन अख्तर खान अकेला ऐसा नहीं करते हैं.... इसलिए मुझे उनकी मंशा पर शक नहीं है.... और अगर उनके दिल में चोर होता तो वह पोस्ट वोह डीलीट नहीं करते... मैंने खुद उनसे उस पोस्ट को डीलीट करने का अनुरोध करते हुए कमेन्ट किया था, कि अगर आपको अपनी गलती का अहसास हो गया है तो फिर इस पोस्ट को ब्लॉग पर रखने का कोई औचित्य नहीं है...


      बल्कि अभी दो-तीन दिन पहले ही उन्होंने मुस्लिम समाज के खिलाफ भी पोस्ट लगाईं थी.... हालाँकि मुझे उनकी उस पोस्ट पर आपत्ति थी, लेकिन फिर सोचा उन्हें हक है अपना नजरिया रखने का जब तक कि बात तर्क पूर्ण हो ना कि किसी समाज का मज़ाक बनाने अथवा ज़लील करने की नियत से लिखी गयी हो...
      Delete
    7. हालाँकि जिस पोस्ट को उन्होंने डीलीट किया उसको डीलीट करने के लिए मैंने इसलिए कहा क्योंकि वह पोस्ट उनके समाज अथवा धर्म के लिए नहीं थी, मेरा मानना है कि या तो हम हर समाज अथवा धर्म में व्याप्त आम बुराई का विरोध करें अथवा केवल अपने समाज की बुराइयों का विरोध करें... वह भी शालीन लफ़्ज़ों में... दूसरों के धर्म पर ऊँगली उठाने को मैं बिलकुल भी सही नहीं मानता हूँ... क्योंकि दुसरे समाज / धर्म कि प्रष्टभूमि की, उनकी सोच की, उसके पीछे के तर्कों की हमें पूर्ण जानकारी नहीं होती है. और आधी जानकारी में हम अक्सर सही बात नहीं कह पाते है... और यही विवाद का कारण बनती है..
      Delete
    8. मैंने आपके विरोध करने का विरोध नहीं किया है.... और ना ही आपके ऊपर कोई टिपण्णी की है... क्योंकि मुझे आपकी मंशा पर शक नहीं है...
      Delete
    9. @ रचना जी ! 'ब्लॉग की ख़बरें' ब्लॉग जगत की घटनाओं को सामने लाने का निष्पक्ष हो कर काम करता है. एक खबर को कई जगहों से सामने लाना कोई बुरी बात नहीं है.
      हमारी खबर में लिंक भी दिए गए हैं और आपका नज़रिया भी बिना किसी संपादन के दिया गया है, तब इसमें आपको क्या ऊलजलूल लगा ?
      एक पत्रकार के धर्म को समझेंगी तो ही आप वस्तु-स्थिति समझ पाएंगी.
      Delete
  4. बढ़िया प्रस्तुति |
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  5. गलती मनुष्य करता है
    क्षमा इंसान मांगता है ..??
    ReplyDelete
  6. आपका इशारा समझ गए ... मस्त पढ़ी है हमने भी ...
    ReplyDelete
  7. है सच्चा इंसान, अगर गलती वह माने |
    विषय जाइए भूल, यही कह गए सयाने ||
    बढ़िया रचना .
    ReplyDelete
  8. @ "वर्णों का आंटा गूँथ-गूँथ, शब्दों की टिकिया गढ़ता हूँ|
    समय-अग्नि में दहकाकर, मद्धिम-मद्धिम तलता हूँ||
    चढ़ा चासनी भावों की, ये शब्द डुबाता जाता हूँ |
    गरी-चिरोंजी अलंकार से, फिर क्रम वार सजाता हूँ॥"


    हम भी कायल हैं आपकी पाक कला के। स्वाद गज़ब का है..
    ReplyDelete
  9. अख्तर साहब अपनी पोस्ट डिलीट कर चुके हैं और शायद भास्कर भी अपना लेख वापस ले ले लेकिन कोई उस लेख पर जाकर अपना ऐतराज़ दर्ज तो करे . लेख निम्न है-
    http://blogkikhabren.blogspot.in/2012/07/blog-post.html
    ReplyDelete
    Replies






    1. है सच्चा इंसान, अगर गलती वह माने |
      विषय जाइए भूल, यही कह गए सयाने ||
      Delete
    2. blog or print medium do alag cheez haen
      print medium ki galtiyaan wo sudhaar hi daegae jo us maadhyam sa ejudae haen
      ham blog sae judae haen to agar yahaan kuchh galat daekhaegae to aaptti karaegae hi

      print media sae kuchh bhi uthaa kar blog par chipka dena aur wo bhi bina link diyae is par aap ki nazar kyun nahin gayee

      kyaa orijinal post par wo link diyaa gayaa thaaa ???
      kisii ki likhaii ko apnae blog par bina link diyae chhapna chori hotaa haen

      kyaa is prakaar sae kuchh bhi likhnae sae pehlae akhtar khaan ne sochaa thaa ki wo bina link diyae agar kuchh bhi blog par likh daegae to wo chori kehlaataa haen

      kyun nahin wo link usii post me diyaa gayaa

      hamari dohri maansiktaa ki baat karnae sae pehlae kanun ki baat kar lae to behtar hogaa
      Delete
    3. @ रचना जी ! ब्लॉगर को टोका जाय और अखबार को छोड़ दिया जाय, यह नीति ठीक नहीं है. ग़लत लगे तो सबको टोको, इसमें अपना पराया मत देखो. हमारा तो यही मानना है और जो हम मानते हैं वही करते हैं.
      मल्टीनेशनल कंपनियों की पूँजी पर आज अखबार और कुछ ब्लॉगर दोनों चल रहे हैं.
      अपने ईमान को भुलाकर ये हमेशा सच के ख़िलाफ़ ही बोलते हैं.

      भास्कर की पोस्ट के नीचे भी पाठकों से उनके विचार मांगे गए हैं. अखतर साहब के लिंक देने के बाद भी कोई उधर न गया ?
      देखते हैं अपनी आपत्ति जताने अब कौन उधर जाता है ?
      Delete
    4. manae jis link par apni aaptti darj ki thee us par koi link nahin diyaa thaa mul laekhak kaa naam bhi nahin thaa is liyae maere anusaar wo post blog laekhak ki hui

      dusri post me link diyaa gayaa ab jinko aaptti karni hogi karaegae
      agar mae wo sab jaa kar padhtee hee nahin to mehaj isliyae kyun padhu ki aap chahtey haen

      meri aaptti par aap kaa yae kehna ..लेकिन रचना जी किसी सयाने की बात मानकर भला कहाँ भूलने वाली थीं ?
      उन्होंने लिंक देकर बताया कि इस घटना का सम्बन्ध पत्रकार अख्तर खान अकेला जी से है

      maene yahaan jo link diyaa wo wahii link haen jis par yae post haen
      aap apni bhasha daekhiaye किसी सयाने की बात मानकर भला कहाँ भूलने वाली थीं ?kyaa mae aap ko murkh lagtee hun aur dusrae saayane ???

      aagaey aap likhtae haen
      कुछ हिंदी ब्लॉगर्स ऐसी दोहरी सोच लेकर भी बुद्धिवादी कहलाते हैं.

      yae naa likh kar agar aap akhtar khan akela sae puchchtae ki unhonae dusrae ki post apnae naam sae kyun daali to jyadaa behatar hotaa

      maeraa naam laekar likhna aasaan haen koi baat nahin aap ko khushi miltii haen avshaya likhae
      Delete
    5. @ रचना जी ! क्या सयाने की बात मानने वाले मूर्ख होते हैं ?
      लगता है किआपने रविकर फैजाबादी जी का कथन नहीं पढ़ा ?

      है सच्चा इंसान, अगर गलती वह माने |
      विषय जाइए भूल, यही कह गए सयाने ||

      आपने अख्तर खान साहब को सलाह दी कि
      'dusrae kae dharm par jo likhae haen apnae dharm par bhi likhae'
      आपको सलाह देने का या ऐतराज़ करने का पूरा हक़ है. हमें आपके कथन पर कोई ऐतराज़ नहीं है लेकिन हम यह ज़रूर जानना चाहते हैं कि यह अख्तर खान साहब के साथ ही क्यों ?
      क्या ऐसा सिर्फ वही करते हैं या दूसरे ब्लॉगर भी ऐसा ही करते हैं ?

      आपको एक ब्लॉगर का लिंक डा. अयाज़ अहमद साहब की पोस्ट पर शाहनवाज़ जी दे भी चुके हैं. उस पर यह नियम बताने के लिए आप न पहले पहुँचीं और न अब .
      यह पक्षपात क्यों ?
      Delete
    6. unkae kament spam sae bahar aanae kaa intezaar karae
      Delete
  10. shah nawaaj kae wo kament is blog par bhi they shyaad spam mae haen is liyae mare jawaab dikh rahey haen

     रचना जी ने टिपण्णी की है आपसी बात चीत भी डाल दूँ -
    यह रही बात--चीत--
     
    रचना has left a new comment on your post "एक धर्म की ख़ास, करे नारी पर रचना": 

    manae jis link par apni aaptti darj ki thee us par koi link nahin diyaa thaa mul laekhak kaa naam bhi nahin thaa is liyae maere anusaar wo post blog laekhak ki hui 

    dusri post me link diyaa gayaa ab jinko aaptti karni hogi karaegae 
    agar mae wo sab jaa kar padhtee hee nahin to mehaj isliyae kyun padhu ki aap chahtey haen 

    meri aaptti par aap kaa yae kehna ..लेकिन रचना जी किसी सयाने की बात मानकर भला कहाँ भूलने वाली थीं ?
    उन्होंने लिंक देकर बताया कि इस घटना का सम्बन्ध पत्रकार अख्तर खान अकेला जी से है 

    maene yahaan jo link diyaa wo wahii link haen jis par yae post haen 
    aap apni bhasha daekhiaye किसी सयाने की बात मानकर भला कहाँ भूलने वाली थीं ?kyaa mae aap ko murkh lagtee hun aur dusrae saayane ??? 

    aagaey aap likhtae haen 
    कुछ हिंदी ब्लॉगर्स ऐसी दोहरी सोच लेकर भी बुद्धिवादी कहलाते हैं.

    yae naa likh kar agar aap akhtar khan akela sae puchchtae ki unhonae dusrae ki post apnae naam sae kyun daali to jyadaa behatar hotaa 

    maeraa naam laekar likhna aasaan haen koi baat nahin aap ko khushi miltii haen avshaya likhae 



    Posted by रचना to नीम-निम्बौरी at 3 July 2012 23:51
    रचना via blogger.bounces.google.com 
    Jul 4 (5 days ago)

    to me
    shah nawaaj kae wo kament is blog par bhi they shyaad spam mae haen is liyae mare jawaab dikh rahey haen 



    Posted by रचना to नीम-निम्बौरी at 4 July 2012 02:48
    रचना via blogger.bounces.google.com 
    Jul 4 (5 days ago)

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    unkae kament spam sae bahar aanae kaa intezaar karae 



    Posted by रचना to नीम-निम्बौरी at 4 July 2012 02:49
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना

    बहुत बहुत आभार रचना जी -

    हार्दिक बधाई 
    स्वीकारें -

    शाहनवाज पर नाज, डाक्टर अनवर भाई-

    चर्चा बढ़िया संयमित, झिड़की समझ सुझाव  ।
    ब्लॉग-वर्ल्ड की  बेहतरी, नहीं कहीं दुर्भाव ।
    नहीं कहीं दुर्भाव,  सभी को बहुत बधाई  ।
    शाहनवाज पर नाज,  डाक्टर अनवर भाई ।
    रचना जी का विषय, सभी धर्मों की नारी । 
    धर्म आस्था-प्राण,  तनिक मांगे हुशियारी ।।
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

    to me
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    kis baat ki bhadhaai ??
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    आपने जिस प्रकार अपनी टिप्पणियों से नारी का अपमान करने वालों को जवाब दिया |
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

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    मैने नारी का अपमान करने वालों को नहीं दिनेश जी हमारे हिन्दू धर्म का मजाक बनाने वालों को जवाब दिया हैं क्या वो ब्लॉग आप का हैं
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    ji
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

    to me
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    वो पोस्ट और एक दूसरे ब्लॉग पर भी ऐसी ही पोस्ट दोनों आप की ही हैं ???http://dineshkidillagi.blogspot.in/2012/07/blog-post_04.html
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    ji
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

    to me
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    ये कमेन्ट आप की ही पोस्ट पर हैं 
    इस प्रकार के कमेन्ट छापने का औचित्य क्या हैं 
    क्या सम्बन्ध हैं उनका इस पोस्ट से
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    main pahle inki mansikata ko samajh nahin paya tha -
    abhi diipak baba se yah batchit hui
    tab mujhe laga ki is par mera rukh kada hona chahiye tha -


    दीपक बाबा
    11:13 AM (1 hour ago)
    आप अख्तर खान, शाहनवाज़, अनवर जमाल जैसे लोगों क्यों इतना 'भाव' देते हैं. जब कि ...
    dinesh gupta
    11:16 AM (1 hour ago)
    जी दरअसल ये सब मेरी एक पोस्ट पर आकर कई टिप्पणी कर गए- जहाँ रचना जी ने बाखूबी ...
    dinesh gupta
    11:19 AM (1 hour ago)
    रविकर खान अवैध, माफिया कई खानते खान खानते खामखा, खालिस है खटराग । जान जाय जोख...
    दीपक बाबा
    11:23 AM (1 hour ago)

    to me

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    आपको याद होगा कैसे वंदना जी की कविता पर - अविनाश की टीप पर इन लोगों ने कैसे बखेडा खड़ा किया था..... आज भी सम्भोग रहस्य के साथ वंदना जी का फोटो चमकता है इस कंजर के ब्लॉग पर '.......... ये अच्छी बात नहीं है कि हमारे परिवार की एक महिला को इसने अभी तक अपने ब्लॉग पर लगा रखा है... और सेक्स के खेल के साथ रचना जी की फोटू, मुझे बहुत दुःख होता है....
    अब हम कुछ टीप द्वरा कहेंगे तो कंजरजात फिर कोई तिल का ताड़ बना कर रख देगी....

    जरा नोटिस कीजिए  राईट साइड में 
    dinesh gupta
    11:28 AM (1 hour ago)

    to दीपक

    जी |
    आपत्ति जनक है 
    न्यूज के नाम पर कहीं भी किसी का फोटो चिपकाना गन्दी मानसिकता की पुष्टि करता है-
    ध्यान रख रखूँगा -
    इस मार्गदर्शन के लिए आभार-
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

    to me
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    मै संतोष त्रिवेदी के कमेन्ट की बात कर रही हूँ उनका कमेन्ट देखे
    ये कमेन्ट आप की ही पोस्ट पर हैं 
    इस प्रकार के कमेन्ट छापने का औचित्य क्या हैं 
    क्या सम्बन्ध हैं उनका इस पोस्ट से
    उसके अलावा आप जब भी किसी का कमेन्ट पेस्ट करे केवल टेक्स्ट कॉपी करे
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    ji hata deta hun aainda dhyaan rakhunga
    aabhaar
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

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    दिनेश जी 
    सबसे पहले ये बता दूँ की इस ब्लॉग जगत में २००७ से हूँ और नारी और धर्म दोनों पर काफी सुन चुकी हूँ अपशब्द से लेकर अश्लील तक 
    आप को पढ़ती थी पर फिर छोड़ दिया क्युकी आप के ब्लॉग पर संतोष त्रिवेदी इत्यादि दिखे 
    सबसे पहली बात 
    किसी पर पोस्ट बनाने से पहले उसके बारे में जान ले 
    आप ने अपनी तरफ से मेरी तारीफ़ की लेकिन अनवर जमाल और टीम ने उसको मेरी बुराई समझा 
    आप ने अभी तक क़ोई वक्तव्य दे कर ब्लॉग पर अपनी बात क्लीयर नहीं की हैं की आप किस के साथ हैं 
    आप को पढ़ कर तो क़ोई भी यही समझे लेगा की आप मेरी बुराई कर रहे हैं 
    और इम्मंदारी से कहूँ तो इन दोनों पोस्ट की क़ोई जरुरत ही नहीं थी 
    आप ने  मेरे किये पर पानी फेर दिया , मैने अख्तर को वो पोस्ट हटाने पर मजबूर कर दिया पर आप ने 
    सारी टीप को पोस्ट कर के अनवर जमाल को पोस्ट बनाने का मसाला दे दिया 
    आप ने टीप देते समय चित्र भी नहीं हटाया 
    सादर
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    ji
    pahle vala blog bhi protected nahin hai-

    खैर 
    गंदे इरादे सामने आ गए-
    सतर्क रहूँगा
    मै संतोष त्रिवेदी के कमेन्ट की बात कर रही हूँ
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    ji

    dekhta hun|
    aabhaar
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    isme kya kuchh aapatti janak hai-
    mujhe to laga ki vyrth ke jhnjhton se dur rahne ki bat kar raha hai santosh-
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

    to me
    iska post sae kyaa lena dena haen 
    aur ek baar unsae baat karlae ki wo kya keh rahey haen 
    hos aktaa haen aap ko samjh aajaye 
    meraa naam naa lae aur naa hi is email kaa jikr kare
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    maine post hi hata di hai |
    aage se dhyaan rakhunga 

    aabhaar

    सादर
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

    to me
    aap apnae blog sae wo dusri post bhi hataa dae aur ho sake to anwar jamaal ko keh kar jab akhtar ne psot hataa dii to sab hataa dae , unki post bhi hatvaa dae 
    is sae kam sae kam wo hindu dharm kae aakshep walii post hat jayegi
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    main usse bat nahin karna chahta |
    dusri bhi hata deta hun -
    रचना
    Jul 5 (4 days ago)

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    तो नयी पोस्ट में आग्रह कर दे की अख्तर की तरह सब लोग सयाना बन जाए और पोस्ट हटा दे , क्युकी जब मूल पोस्ट है हट गयी हैं तो बाकी सब भी हट जानी चाहिये
    हिन्दू धर्म के लिये इतना तो कर दे
    dinesh gupta
    Jul 5 (4 days ago)

    to रचना
    ji






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12 comments:

  1. शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया
    दोनों के सिलसिले में ये बेहतर कहा गया

    ख़ुददारियों की राह पे जो गामज़न रहे
    उनको हमारे शहर में ख़ुदसर कहा गया

    इक मुख्तसर सी झील न जो कर सका उबूर
    इस दौर में उसी को शनावर कहा गया

    उसने किया जो ज़ुल्म तो हुआ न कुछ भी ज़िक्र
    मैंने जो कीं ख़ताएं तो घर घर कहा गया

    मैं ही वो सख्त जान हूं कि जिसके वास्ते
    तपती हुई चट्टान को बिस्तर कहा गया

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    1. हंसी-ख़ुशी बंटती रहे, बटे परस्पर प्यार |
      श्रद्धा सह विश्वास की, हमें बहुत दरकार |

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    2. ख़ुदा रखे वही एक राज़दां है
      ज़ुबां रखते हुए जो बेज़ुबां है

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  2. ख़िज़ां से छीन के अब नक़्दे-गुल शुमार करे,
    कहो सबा से बहारों का कारोबार करे।

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  3. अभी इससे पहले वाला प्रकरण भी डाल दे वो क्यूँ रह गया
    फिर वो मेल भी डाल दे जहां आपने मुझ से संपर्क किया और मुझे बधाई दी की मैने बड़ा अच्छा काम किया " इन के खिलाफ लिख कर " ये भी लिखे की मेल आप ने दी , शाबाशी आप ने दी और इनको आप नहीं जानते हैं , ब्लॉग जगत में नये हैं , ये सब आप ने लिखा
    मैने आप की मेल का महज जवाब दिया और फिर वो भी लिखे की दीपक बाबा ने आप को बताया की कैसे महिला के चित्रों को डाला गया और फिर वो मेल आप ने मुझे फॉरवर्ड कर के मुझ से क्षमा मांगी
    ये सब लिखने के बाद लिखे की मेरे आग्रह पर आप ने वो सब डिलीट कर दिया
    पिक्चर पूरी दिखाये मेरे दोस्त , अधूरी क्यूँ
    और भी बहुत कुछ मेल में था जो आप ने और मैने एक दूसरे से कहा वो सब भी लिख दे
    उनके ब्लॉग पर जा कर आप nice लिखते हैं , लिखे मुझे क़ोई आपत्ति नहीं हैं
    पर मेरा रेफरेंस दे तो पूरे तथ्य के साथ दे अन्यथा ना ही दे
    मेरे नाम की सीढ़ी बना कर पोपुलर होने का फंडा पुराना हैं

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    Replies
    1. जी |
      आपका आदेश सर-आँखों पर |

      आपने जो जो कहा मैंने किया |

      डा anvar से भी निवेदन किया-पोस्ट हटाने के लिए-
      वह बातचीत भी daal दी है ||
      saadar ||

      Delete
    2. @ मेंरे नाम की सीढ़ी बना कर पोपुलर होने का फंडा पुराना हैं |

      सरीफ बन्दा हूँ |
      ऐसा कोई घिनौना काम मैं नहीं कर सकता ||

      सादर-

      Delete
  4. रविकर जी,
    यहाँ जो दिखता\लगता है जरूरी नहीं वो वैसा ही हो|

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  5. आपकी इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार १०/७/१२ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी आप सादर आमंत्रित हैं |

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  6. अनजाने ही डाल बैठा, दूध में गरम मसाला।
    जाने कौन घड़ी में पड गया पढ़े लिखों से पाला।
    ठगों-धूर्तों से हुआ हलाल……
    छोरा गंगा किनारे वाला…

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  7. रचना जी से जो बातचीत हुई / मतलब जिसमें उन्होंने मुझे सिखाया की हिन्दू धर्म का मखौल उड़ाया जा रहा है-और जिसमें मैंने तथाकथित क्षमा मांगी | दाहिनी ओर ४ दिन पूर्व दिखा रहा है |
    डा.अनवर से जो निवेदन किया वह २ दिन दिखा रहा है -

    मतलब यह कि मैंने अपनी ओर से विवाद ख़त्म करने की पुरजोर कोशिश की |

    क्षमा भी मांगी-

    और हाँ ,
    मेरी विनम्रता को जो लोग दीनता समझ बैठे हैं वो मूर्ख मुझे न समझें |

    १९८३ आदर्श कालेज पठानकोट में RSS के OTC का प्रथम वर्ष का
    १९८६ में सरस्वती विद्यामंदिर निराला नगर लखनऊ में द्वितीय वर्ष
    १९९६ रेसिम बाग़ नागपुर में तृतीय वर्ष ||

    कृपया हिंदुत्व न सिखाएं-
    सुविधाजनक वर्गीकरण करना मानव स्वभाव है-
    गलती न होते हुवे भी क्षमा मांगता रहा |
    परन्तु ---

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  8. baat cheet aap ne shuru ki aur deepak baba kii mail kae baad aap ne mujhae mail dii

    maenae jo kehaa wo hamesha kehtii hun agar hindu inko sar naa chadhyae to yae apnae aap hi sudhar jaaye

    bajaaye baat ko kahtam karnae kae aap usko badhaatey jaa rhaey haen jabki baaki log bahishkaar ki baat kar rahey haen

    aap ek baar soch lae aap khud kyaa chahtey haen

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